<p style=”text-align: justify;”>अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई में भारत के एक समुद्री इंजीनियर की जान चली गई. जी हां, मुंबई के कांदिवली निवासी 54 वर्षीय भारतीय समुद्री इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की इराक के दक्षिणी बंदरगाह बसरा के पास एक ऑयल टैंकर पर हुए हमले में मौत हो गई. </p>
<p style=”text-align: justify;”>भारत के पोर्ट्स, शिपिंग और वाटरवेज मंत्रालय ने 12 मार्च को इस घटना की पुष्टि की. सिंह मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले टैंकर एमटी सेफसी विष्णु पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता के रूप में तैनात थे और हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. </p>
<h3 style=”text-align: justify;”>कौन थे देवनंदन प्रसाद सिंह?</h3>
<p style=”text-align: justify;”>देवनंदन प्रसाद सिंह मुंबई के कांदिवली में रहते थे और करीब 25 सालों से मरीन इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े हुए थे. भारत के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग के अनुसार वह एमटी सेफसी विष्णु नामक टैंकर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता के रूप में कार्यरत थे. बुधवार को खोर अल जुबैर पोर्ट के पास जहाज पर हमला हुआ जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, देवनंदन प्रसाद सिंह मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे.</p>
<p style=”text-align: justify;”>मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी संबंधित समुद्री एजेंसियों को दे दी गई है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. हमले के बाद टैंकर के क्रू मेंबर जहाज छोड़कर समुद्र में कूद गए थे. बाद में एक एसटीएस टग ने उन्हें बचाया और इराकी कोस्ट गार्ड ने सभी घायल क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बसरा पोर्ट तक पहुंचाया.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>जहाज पर मौजूद थे 28 क्रू मेंबर</h3>
<p style=”text-align: justify;”>टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इस टैंकर पर कुल 28 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें 16 भारतीय और 12 फिलिपिनी नागरिक शामिल थे. सभी को सुरक्षित बचा लिया गया और बसरा पोर्ट पर पहुंचाया गया. हालांकि गंभीर चोटों के कारण देवनंदन प्रसाद सिंह की जान नहीं बचाई जा सकी. अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों और हमले की परिस्थितियों की जांच जारी है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>परिवार ने बताया कैसे हुआ हादसा?</h3>
<p style=”text-align: justify;”>परिवार के अनुसार देवनंदन प्रसाद सिंह मूल रूप से बिहार के भागलपुर जिले के सोनहौला ब्लॉक के रानी बामिया गांव के रहने वाले थे. उनके भाई कृष्णानंदन प्रसाद सिंह ने बताया कि सुबह करीब पांच बजे कंपनी के एक अधिकारी ने फोन कर हमले और उनके भाई की मौत की जानकारी दी. परिवार के मुताबिक जहाज को क्षेत्र में जारी तनाव के दौरान कथित रूप से एक ईरानी सुसाइडल शिप ने निशाना बनाया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>परिजनों ने बताया कि अपनी जान बचाने के लिए सिंह समुद्र में कूद गए थे और बचाव दल ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिल सकी. सिंह अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं. उनका बेटा अमेरिका में रहता है और घटना की जानकारी मिलने के बाद भारत के लिए रवाना हो गया है. जहाज का प्रबंधन करने वाली शिपिंग कंपनी और संबंधित संस्थानों ने भी सिंह के परिवार के प्रति शोक व्यक्त किया है.</p>






