<p>गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद के किरदार को लेकर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ पर छिड़ा विवाद अब कानून-व्यवस्था, राजनीति और सिनेमा के त्रिकोण में नई बहस का कारण बन गया है. प्रयागराज के पूर्व IG सूर्य कुमार ने अतीक के प्रभाव, उसके राजनीतिक रिश्तों और अंत तक की कहानी पर खुलकर बयान दिया है. वहीं SP सांसद अफजाल अंसारी और विधायक पूजा पाल के तीखे आरोपों ने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है.<br /> <br />पूर्व IG सूर्य कुमार ने अतीक के वर्चस्व को याद करते हुए कहा, “अक्सर ऐसे लोग खुद को ‘हमदर्द’ के रूप में पेश करते हैं. वह भी कई लोगों में पैसे बांटता था. शादी-विवाह जैसी जरूरतों के लिए फंड देता था, ताकि अपनी सार्वजनिक छवि मजबूत कर सके. जहां तक राजनीतिक दलों की बात है, वह या तो भारी रकम दान देता या अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विरोध करने वालों को दबा देता. संक्षेप में, उसका दबदबा इतना पूर्ण था कि उसका एक संदेश ही आतंक पैदा करने के लिए काफी था. हालांकि पुलिस ने कभी उसे रियायत नहीं दी. एक के बाद एक मामले दर्ज होते रहे. मुझे याद है जब उस पर 42-43 केस थे… और अंततः यह संख्या बढ़कर 65 तक पहुंच गई. पहले लोग भयभीत रहते थे. गहरे राजनीतिक संबंधों और अंततः सांसद बनने के कारण वह दंडात्मक कार्रवाई से बचता रहा.”</p>
<p><strong>पूर्व IG सूर्य कुमार का बयान</strong></p>
<p>सूर्य कुमार ने आगे कहा कि अपराध और सत्ता का यह गठजोड़ लंबे समय तक चलता रहा, लेकिन अंततः कानून ने अपना रास्ता बनाया. उनके मुताबिक, “जैसा कहा जाता है, ‘पाप का घड़ा’ अंततः भर ही जाता है. योगी सरकार ने व्यापक कार्रवाई शुरू की… जिसकी जड़ में वह हत्या थी, जो उसने दिनदहाड़े एक गवाह उमेश पाल की करवाई थी. उमेश पाल राजू पाल केस के गवाह थे.</p>
<p>इस मामले में पूजा पाल ने लंबा संघर्ष किया. अंततः पुलिस, सरकार और सभी एजेंसियों ने जरूरी कार्रवाई पूरी की. उसे उन्हीं गैंगस्टरों ने मार डाला, जिन्हें वह पहले खत्म करता आया था. अगर ऐसा नहीं होता, तो पुलिस कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में थी. उमेश पाल की हत्या के बाद आरोपियों की संपत्तियां कुर्क की गईं. उसके गिरोह के हर गैंगस्टर को गिरफ्तार किया गया. इन कदमों के बाद ही हालात नियंत्रण में आए.” अतीक अहमद का नाम उत्तर प्रदेश की राजनीति और अपराध जगत में लंबे समय तक चर्चा का केंद्र रहा. प्रयागराज और आसपास के इलाकों में उसका प्रभाव इतना मजबूत था कि डर और समर्थन दोनों की कहानियां साथ-साथ चलती रहीं.</p>
<p><strong>राजू पाल की पत्नी का आरोप</strong></p>
<p>राजू पाल की पत्नी और विधायक पूजा पाल ने भी इस पूरे विवाद के बीच अतीक अहमद पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा, “अतीक अहमद ने मेरी तरह हजारों युवाओं की जिंदगी बर्बाद की.” उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के संरक्षण में अतीक जैसे अपराधी वर्षों तक फलते-फूलते रहे और देश को दीमक की तरह खोखला करते रहे. पूजा पाल ने SP नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उस समय मौजूदा सरकार की जगह दूसरी सरकार होती, तो उनकी जान भी खतरे में पड़ सकती थी. उन्होंने मुख्यमंत्री <a title=”योगी आदित्यनाथ” href=”https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath” data-type=”interlinkingkeywords”>योगी आदित्यनाथ</a> की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की सख्ती ने ही अपराध पर नियंत्रण संभव किया.</p>
<p><strong> SP सांसद अफजाल अंसारी ने उठाए सवाल</strong></p>
<p>इसी बीच गाजीपुर से SP सांसद अफजाल अंसारी ने फिल्म के कथानक और उसके राजनीतिक असर पर सवाल उठाते हुए कहा, “मैंने वह फिल्म नहीं देखी है. फिल्म इंडस्ट्री कहानियों के साथ आती है. स्क्रीनप्ले सच्ची घटनाओं पर आधारित नहीं होता. वे डिस्क्लेमर जारी करते हैं. लेकिन वे सोचते हैं कि उनकी फिल्म कैसे सफल होगी. कहानी दिलचस्प होनी चाहिए. जब उन्हें फायदा उठाना होता है, टिकट बेचना होता है और सरकार से राहत लेनी होती है, तो वे हवा में किसी का भी नाम उछाल सकते हैं. उन्होंने अतीक अहमद का किरदार दिखाया और शायद उसे ISI एजेंट भी घोषित कर दिया. वह अब इस दुनिया में नहीं है. लेकिन जो अभी जिंदा हैं, उन्होंने यहां झूठा ‘बैकुंठ’ बना लिया है और दाऊद इब्राहिम के साथ अपराध किए हैं. उन पर कोई फिल्म नहीं बन रही. जनता यह सब समझ सकती है.”</p>
<p><strong>धुरंधर मूवी में अतीक अहमद की भूमिका</strong></p>
<p>फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में अतीक अहमद के चित्रण ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सच में अपराध, सत्ता और साजिश देश में कामय रही है. पुलिस अधिकारियों के बयान, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और पीड़ित परिवारों के आरोप इस बहस को और जटिल बनाते हैं.</p>






