कूनो नेशनल पार्क में जन्मी चीता ‘मुखी’ हुई तीन साल की, CM मोहन यादव ने बताया गौरव का पल

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<p style=”text-align: justify;”>कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में जन्म लेने वाली चीता &lsquo;मुखी&rsquo; रविवार को तीन वर्ष की हो गई, जिसे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने देश के वन्य-जीव संरक्षण के लिए गौरव का क्षण करार दिया. चीता मुखी का जन्म 29 मार्च 2023 को नामीबिया से लाई गई &lsquo;ज्वाला&rsquo; की कोख से हुआ था. वह चार शावकों के समूह में एकमात्र जीवित बची थी. भीषण गर्मी के कारण उसके अन्य तीन भाई-बहन जीवित नहीं रह सके.</p>
<p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री यादव ने एक बयान में कहा कि कूनो में जन्मी चीता ‘मुखी’ का तीसरा जन्मदिन प्रदेश के साथ ही पूरे देश के वन्य-जीव संरक्षण के लिए गौरव का क्षण है. उन्होंने कहा, &lsquo;&lsquo;चीता &lsquo;मुखी&rsquo; की कहानी भारत में चीतों की पुनर्स्थापना के प्रयासों के दृढ़ संकल्प, श्रेष्ठ वैज्ञानिक प्रबंधन और संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गई है.&rsquo;&rsquo;</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>KNP में भावनात्मक वातावरण देखने को मिला- मोहन यादव</h3>
<p style=”text-align: justify;”>सीएम मोहन यादव ने आगे कहा कि &lsquo;मुखी&rsquo; के तीसरे जन्मदिवस के अवसर पर केएनपी में एक विशेष और भावनात्मक वातावरण देखने को मिला. उन्होंने कहा कि एक नन्हे शावक से आत्मविश्वास से लबरेज फर्राटे भरती वयस्क चीता और अब एक मां बनने तक की मुखी की यात्रा प्रेरणादायक रही है. सीएम ने&nbsp;कहा, &lsquo;&lsquo;यह यात्रा इस बात का संकेत है कि भारत में चीतों के संरक्षण और पुनर्वास के प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.&rsquo;&rsquo;</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>’मुखी’ पूरी तरह स्वस्थ- मोहन यादव</h3>
<p style=”text-align: justify;”>बयान में कहा गया कि प्रारंभिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं, लेकिन कूनो राष्ट्रीय उद्यान के पशु चिकित्सकों और वन्यजीव विशेषज्ञों की सतत निगरानी और देखभाल से ‘मुखी’ आज पूर्णतः स्वस्थ है.&nbsp;’मुखी’ को भारतीय जलवायु के अनुकूल बनाने के लिए वैज्ञानिक तरीकों से प्रशिक्षित और संरक्षित किया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने आगे कहा, &lsquo;&lsquo;समर्पित और समन्वित प्रयासों का परिणाम यह रहा कि मुखी स्वस्थ रूप से विकसित होकर एक ताकतवर और आत्मनिर्भर चीता बन सकी.&rsquo;&rsquo; बता दें कि नवंबर 2025 में मात्र 33 महीने की आयु में मुखी ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया. यह पहला अवसर था जब भारत में जन्मे किसी चीते ने स्वयं शावकों को जन्म दिया.</p>

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