<p style=”text-align: justify;”><strong>Iran-USA Conflict: </strong>मिडिल ईस्ट का विवाद अब और ज्यादा खतरनाक हो गया है. ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके ऊर्जा केंद्रों पर हमला किया, तो वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद कर देंगे. इस धमकी के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है.</p>
<p><a title=”ईरान” href=”https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-ultimatum-to-tehran-pezeshkian-replies-to-us-threats-top-5-updates-amid-iran-israel-war-3105041″ target=”_self”>ईरान</a> की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बताया कि जिन देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकाने हैं, वहां के ऊर्जा केंद्र अब हमले के लिए लक्ष्य बन जाएंगे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ट्रंप ने दी थी चेतावनी</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी थी, “अगर ईरान 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बिना किसी धमकी के नहीं खोलता, तो अमेरिका उनके विभिन्न पावर प्लांट्स पर हमला करेगा और सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरुआत करेगा.” ट्रंप की चेतावनी के जवाब में ईरानी संसद के अध्यक्ष मोमोहम्मद बाकिर कालीबाफ ने कहा कि अगर तेहरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तो पूरे क्षेत्र उनके निवेश की गई योजनाओं को निशाना बना सकता है. ईरानी सैन्य अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे गल्फ में अमेरिकी जुड़े ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और जल संरचनाओं को निशाना बना सकते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>हॉर्मुज जलसंधि पर ईरानी रुख</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><a title=”ईरान” href=”https://www.abplive.com/news/world/donald-trump-ultimatum-to-tehran-pezeshkian-replies-to-us-threats-top-5-updates-amid-iran-israel-war-3105041″ target=”_self”>ईरान</a> की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तब तक पूरी तरह बंद रहेगी जब तक उनके नष्ट किए गए पावर प्लांट्स को फिर से नहीं बनाया जाता. यह जलसंधि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स में से एक है और यहां से वैश्विक तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुज़रता है. 28 फरवरी को ईरान ने इसे बंद कर दिया था. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावटों ने पहले ही टैंकरों की आवाजाही को धीमा कर दिया है, ईंधन की कीमतें बढ़ा दी हैं और वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>हवाई हमलों का बढ़ता क्रम</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>जमीनी हालात अभी भी अस्थिर हैं. नई मिसाइल दागने के बाद इज़राइल के कई हिस्सों में एयर रैड सायरन बजे. 21 मार्च को हमले तेज हो गए, जिसमें अमेरिकी-इजरायली हमले तेहरान और मध्य तथा दक्षिण ईरान के आसपास केंद्रित थे, जिनमें हॉर्मुज जलसंधि के पास के इलाके भी शामिल हैं. ईरान ने इसका जवाब इज़राइल और गल्फ के कुछ हिस्सों में हमलों से दिया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>IDF के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने देश पर 400 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, लेकिन ज्यादातर मिसाइलें उसकी रक्षा प्रणाली ने बीच में ही रोक दीं. अधिकारियों के मुताबिक लगभग 92 प्रतिशत मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दी गईं.</p>






