<p style=”text-align: justify;”>’वर्ल्ड क्लास सिटी’ कही जाने वाली राजस्थान की राजधानी जयपुर में महिलाओं की सुरक्षा राम भरोसे नजर आ रही है. दिनदहाड़े एक गर्भवती महिला के साथ सरेआम छेड़खानी के वायरल वीडियो ने अब प्रदेश में सियासी भूचाल ला दिया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>घटना के 18 दिन बाद तक पुलिस की घोर लापरवाही और एफआईआर न दर्ज करने के मामले ने विपक्ष को बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा दे दिया है. विपक्षी दल अब राज्य की लचर कानून व्यवस्था को लेकर भजनलाल शर्मा सरकार पर तीखे सियासी हमले कर रहे हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>कानून व्यवस्था पर गरमाई सियासत</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>चलती बाइक पर छेड़खानी का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि इस नई घटना ने महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है. विपक्ष का आरोप है कि राजधानी में अपराधी बेखौफ हैं और पुलिस सो रही है. सवाल उठ रहे हैं कि जब एक गर्भवती महिला राजधानी की सड़कों पर सुरक्षित नहीं है और उसकी शिकायत पर 18-18 दिन तक पुलिस कोई एक्शन नहीं लेती, तो प्रदेश में सुशासन और कानून व्यवस्था के दावों का क्या मतलब रह जाता है? सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>क्या था रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो?</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>दरअसल, 25 मार्च की शाम करीब 6 बजे जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र के मालवीय नगर में एक गर्भवती महिला फोन पर बात करते हुए गली से गुजर रही थी. तभी पीछे से आ रहे एक दाढ़ी वाले शख्स ने महिला को दबोच लिया. महिला चीखी, अपशब्द कहे और आरोपी को दौड़ाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने ईंट का टुकड़ा उठा लिया, जिससे डरकर महिला को भागना पड़ा.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>पुलिस की घोर लापरवाही, फजीहत के बाद एक्शन</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>हैरानी की बात यह है कि घटना के अगले ही दिन पीड़िता ने परिवार के साथ जाकर जवाहर सर्किल थाने में लिखित शिकायत दी थी. लेकिन, पुलिस ने केस दर्ज करने के बजाय सिर्फ खानापूर्ति की और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया. अब जब 18 दिन बाद वीडियो वायरल हुआ और सियासी फजीहत होने लगी, तो पुलिस कुंभकर्णी नींद से जागी. आनन-फानन में गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया. लापरवाही बरतने वाले ड्यूटी ऑफिसर ASI महेश चंद और हेड कांस्टेबल अंगद राम को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि थाना प्रभारी (SHO) आशुतोष सिंह को चार्जशीट दी गई है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>आरोपी की पहचान हुई, लेकिन अब भी फरार</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>सियासी दबाव के बाद पुलिस हरकत में तो आई है, लेकिन आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर है. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी का नाम राज गुर्जर है और वह मध्य प्रदेश का रहने वाला है. वह मालवीय नगर के ही एक स्पा सेंटर में काम करता है और उस पर पहले भी महिलाओं से छेड़खानी के आरोप हैं. फिलहाल, पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं, लेकिन इस घटना ने राजधानी की पुलिसिंग और कानून व्यवस्था पर जो दाग लगाया है, उस पर सियासत थमती नजर नहीं आ रही है.</p>





