Sirohi News: ग्राम पंचायतों की ऑडिट प्रक्रिया पर सवाल, बिना फील्ड वेरिफिकेशन के फाइलों में क्लीन चिट

Spread the love

<p style=”text-align: justify;”>राजस्थान के सिरोही जिले की पिंडवाड़ा पंचायत समिति में इन दिनों ऑडिट प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. आरोप है कि राज्य सरकार के निर्देश पर आई ऑडिट टीम द्वारा 43 ग्राम पंचायतों की जांच में नियमों की अनदेखी की जा रही है. स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि टीम फील्ड में जाकर निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन करने की बजाय पंचायत समिति की कॉलोनी में बैठकर ही फाइलों के आधार पर ऑडिट कर रही है. ऐसे में पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सूत्रों के अनुसार पंचायतों में हुए निर्माण कार्यों, विकास योजनाओं और खर्चों की जांच के लिए ऑडिट टीम को मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करना आवश्यक होता है. लेकिन आरोप है कि पिंडवाड़ा में आई टीम फील्ड विजिट के बजाय पंचायत समिति की कॉलोनी के कमरों में बैठकर ही फाइलों की जांच कर रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना मौके पर गए ही कई कार्यों को फाइलों में क्लीन चिट दी जा रही है. इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और खर्च की वास्तविक स्थिति सामने आने की संभावना कम हो जाती है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>43 ग्राम पंचायतों की ऑडिट पर उठे सवाल</h3>
<p style=”text-align: justify;”>बताया जा रहा है कि इस ऑडिट में पिंडवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र की कुल 43 ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. इन पंचायतों में पिछले सालों में हुए विकास कार्यों, निर्माण कार्यों और योजनाओं पर खर्च की जांच का उद्देश्य अनियमितताओं को उजागर करना है. हालांकि स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि यदि ऑडिट टीम मौके पर जाकर जांच नहीं करती तो कई संभावित अनियमितताएं सामने नहीं आ पाएंगी.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>कमीशन तय होने की चर्चा के आरोप</h3>
<p style=”text-align: justify;”>क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि ऑडिट प्रक्रिया में खर्च की राशि का लगभग 0.70 प्रतिशत कमीशन तय होने के आरोप लगाए जा रहे हैं. यदि इन चर्चाओं में कोई सच्चाई है तो 43 ग्राम पंचायतों के खर्च के आधार पर लगभग 53 लाख रुपये तक की डील होने की बातें सामने आ रही हैं. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस तरह की चर्चाओं ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>घटिया निर्माण पर पर्दा डालने का आरोप</h3>
<p style=”text-align: justify;”>कुछ जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि कई पंचायतों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पहले से शिकायतें सामने आती रही हैं. आरोप है कि यदि ऑडिट टीम बिना भौतिक निरीक्षण के फाइलों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करती है तो घटिया निर्माण और अनियमितताओं पर पर्दा पड़ सकता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ग्रामीणों का कहना है कि ऑडिट का उद्देश्य ही यह होता है कि सरकारी धन के उपयोग की सही जांच हो और यदि कहीं गड़बड़ी है तो उसे उजागर किया जाए. ऐसे में यदि जांच प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ जाए तो पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>उपखंड कार्यालय के पास ही चल रहा मामला</h3>
<p style=”text-align: justify;”>सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि यह पूरी प्रक्रिया उपखंड कार्यालय से महज करीब 100 फीट दूरी पर संचालित हो रही है. बावजूद इसके संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक इस मामले में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. अधिकारियों की चुप्पी को लेकर भी क्षेत्र में सवाल उठने लगे हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>राज्य स्तर की टीम के आने की जानकारी</h3>
<p style=”text-align: justify;”>जानकारी के अनुसार राज्य सरकार के निर्देश पर जोधपुर से आई ऑडिट टीम इस जांच को अंजाम दे रही है. टीम में एक एएओ (AAO) सहित दो अन्य अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं.<br />हालांकि टीम के फील्ड में नहीं जाने और कॉलोनी के कमरों में बैठकर ऑडिट करने के आरोपों के बाद पूरे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>विजिलेंस से दोबारा ऑडिट की मांग</h3>
<p style=”text-align: justify;”>मामले को लेकर अब स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की ओर से विजिलेंस से पुनः ऑडिट करवाने की मांग उठने लगी है. उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है. साथ ही यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या राज्य सरकार और पंचायती राज विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर जांच कराएंगे.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>अब देखना यह होगा कि सामने आए आरोपों के बाद प्रशासन और सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और ऑडिट प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है.</p>

  • Related Posts

    जयपुर में गर्भवती महिला से छेड़छाड़ पर गरमाई सियासत, कानून व्यवस्था पर विपक्ष ने भजनलाल सरकार को घेरा

    Spread the love

    Spread the love<p style=”text-align: justify;”>’वर्ल्ड क्लास सिटी’ कही जाने वाली राजस्थान की राजधानी जयपुर में महिलाओं की सुरक्षा राम भरोसे नजर आ रही है. दिनदहाड़े एक गर्भवती महिला के साथ…

    नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन को मंत्री अनिल राजभर ने बताया साजिश, कहा- ‘पाकिस्तान में बैठे हैंडलर…’

    Spread the love

    Spread the love<p style=”text-align: justify;”>उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सोमवार (13 अप्रैल) को फैक्ट्री श्रमिकों ने जमकर प्रदर्शन किया. वहीं इस हिंसक प्रदर्शन को…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *